नियुक्तियों पर आचार संहिता का ग्रहण, 29334 विज्ञान/गणित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया फिलहाल स्थगित, प्रदेश भर के उच्च प्राथमिक स्कूलों में कटऑफ गिराकर नए अभ्यर्थियों का शुरू होना था 29334 अभ्यर्थियों का चयन

इलाहाबाद : प्रदेश के उच्च प्राथमिक स्कूलों में 29334 विज्ञान/गणित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया दी गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने भर्ती स्थगित करने की वजह आदर्श आचार संहिता बताई है, जबकि हकीकत में भर्ती ने का कारण अभ्यर्थन निरस्त वाले युवाओं को नियम नियुक्त करना रहा है।
दैनिक जागरण इसे 9 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था और 10 जनवरी से ही कई बीएसए ने नियुक्ति े जाने की विज्ञप्ति जारी करना शुरू दी।
बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक स्कूलों में 29334 विज्ञान/गणित शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए दिसंबर माह में ही हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था। उसी के अनुपालन में प्रदेश भर में दो जनवरी से नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हुई। इसमें 10 जनवरी तक उन युवाओं को बुलाया गया था, जिन्हें सातवीं या फिर टीईटी 82 अंक की काउंसिलिंग के बाद नियुक्ति पत्र मिला था, लेकिन किसी कारण से वह उस समय ज्वाइन नहीं कर सके थे। कहा गया कि ऐसे अभ्यर्थियों को अंतिम अवसर दिया जा रहा है। इस पर जागरण ने 2015 में जारी बीएसए की विज्ञप्ति के जरिए यह उजागर किया कि जिन्हें नियुक्ति के लिए बुलाया जा रहा है उनका अभ्यर्थन पहले ही निरस्त हो चुका है। इसी के बाद 10 जनवरी को ही कई बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने भर्ती प्रक्रिया स्थगित करने की विज्ञप्ति जारी की। यह नियुक्तियां ने का कारण आचार संहिता लागू होना बताया जा रहा है, जबकि ये नियुक्तियां हाईकोर्ट के निर्देश पर एवं पुरानी भर्ती को पूरा किया जा रहा था। सूबे में 11 जनवरी से सातवीं काउंसिलिंग की मेरिट को गिराकर अभ्यर्थी बुलाए जाने थे, लेकिन सब एकाएक रुक गया है। कहा जा रहा है कि अब शासन के अग्रिम आदेश के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
बीएसए का तबादला भी रोका गया
विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के पहले शासन ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इधर से उधर किया था। इसमें सीतापुर के बीएसए राजेंद्र कुमार को बाध्य प्रतीक्षा में एवं कुशीनगर के बीएसए पन्ना राम को सीतापुर भेजा गया था। बताते हैं कि आचार संहिता लागू होने के बाद पन्ना राम ने बिना रिलीव हुए ही सीतापुर पहुंचकर जबरन चार्ज ले लिया। यह विवाद ऊपर तक पहुंचा तब निर्वाचन अधिकारी ने राजेंद्र कुमार को ही सीतापुर का बीएसए माना और पन्नाराम को बैरंग लौटने का आदेश दिया।
फल वितरण में सीएम की फोटो न हो : परिषदीय विद्यालयों में इसी वर्ष समाजवादी फल वितरण योजना शुरू हुई है। इसमें मुख्यमंत्री के संदेश वाला बैनर लगाकर अब तक फल वितरण होता रहा है। आचार संहिता के बाद भी ऐसा करने पर प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी हुआ है। उनसे जवाब मांगा गया है और ऐसा न करने को कहा गया है।

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